गढ़मऊ स्टेशन पर डीजल चोरों का खेल खत्म, आरपीएफ ने दबोचा पूरा गिरोह कस्टडी रिमांड में खुले राज, चार आरोपी गिरफ्तार—करीब 300 लीटर चोरी का डीजल बरामद; खरीददार तक पहुंची आरपीएफ की कार्रवाई आरपीएफ की पूछताछ में खुली डीजल चोरी की परतें, निशानदेही पर एक-एक कर सामने आए गिरोह के चेहरे
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी, 30 जुलाई 2026। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी ने गढ़मऊ रेलवे स्टेशन पर हुई डीजल तेल चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में आरपीएफ टीम ने गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 300 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया है।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय से कस्टडी रिमांड पर लेकर आरपीएफ ने गहन पूछताछ की। पूछताछ में सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर चोरी का डीजल खरीदने वाले एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 29 जुलाई 2026 को गिरोह के एक अन्य सदस्य को गिरफ्तार किया जा चुका था। लगातार हुई कार्रवाई के बाद आरपीएफ ने डीजल चोरी में सक्रिय गिरोह की कड़ियों को जोड़ते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की।
आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय डीजल चोरी के गिरोह का खुलासा हुआ है। कार्रवाई से रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सक्रिय अपराधियों में हड़कंप मचा है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के पीछे उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त आईजी प्रदीप कुमार गुप्ता का कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन तथा झांसी मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेंद्र कुमार शर्मा का प्रभावी निर्देशन रहा। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में आरपीएफ टीम की सक्रियता और तत्परता से कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- धीरज उर्फ धीरू, निवासी लखारा
- नीरज कुशवाह, निवासी कारी
- दीपक राजपूत, निवासी दिनारा
- धर्मेंद्र उर्फ रामवीर, निवासी रुद्र करारी
कार्रवाई करने वाली आरपीएफ टीम
उप निरीक्षक जितेंद्र यादव, उप निरीक्षक हरिओम सिकरवार, उप निरीक्षक अंकित कुमार (अपराध शाखा), प्रधान आरक्षक विक्रम सिंह यादव, प्रधान आरक्षक रवि यादव, आरक्षक विकास गुर्जर, आरक्षक रवि त्रिपाठी एवं आरक्षक संतोष कुमार शामिल रहे।
आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।










