झांसी में ‘फर्जी थानों पर पुलिस का महाऑपरेशन! सेकंडों जवानों ने रातभर घेरा, ड्रोन से आसमान तक निगरानी कई सीओ की कमान, पीएसी के जवानों का पहरा—कटेरा के तीन गांवों में एक साथ चला बड़ा अभियान मौरयाना, खैरयाना और काड़ौर में कथित फर्जी थानों पर छापेमारी—30 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में नकली वर्दी-सायरन से खौफ फैलाने का आरोप, डिजिटल उपकरणों की जांच में खुल सकते हैं साइबर ठगी के बड़े राज

रिपोर्ट नवीन यादव

झांसी। जिले के कटेरा थाना क्षेत्र में कथित फर्जी थानों और साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने ऐसा बड़ा अभियान चलाया, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। रातभर चले इस महाऑपरेशन में कई क्षेत्राधिकारी, पीएसी के जवान और करीब सेकंडों पुलिसकर्मी शामिल रहे, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर ड्रोन के जरिए भी नजर रखी गई।

पुलिस ने मौरयाना, खैरयाना और काड़ौर गांवों में एक साथ कार्रवाई करते हुए कथित फर्जी थानों और ठगी के ठिकानों को घेरा। अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सेकंडों पुलिसकर्मी जमीन पर, ड्रोन आसमान में!

ऑपरेशन की सबसे खास बात पुलिस की व्यापक घेराबंदी रही। कई सीओ की निगरानी में पीएसी सहित करीब 300 पुलिसकर्मियों को अभियान में लगाया गया। पुलिस बल ने संभावित ठिकानों की घेराबंदी की, वहीं ड्रोन के जरिए ऊपर से निगरानी रखी गई, ताकि कोई संदिग्ध मौके से भाग न सके।

इस व्यापक सुरक्षा घेरे के बीच पुलिस ने तीनों गांवों में तलाशी और पूछताछ की कार्रवाई की।

तीन गांवों में कथित ‘नकली थाना’, पुलिस बनकर डराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, कथित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े लोग नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों में भय पैदा करते थे। आरोप है कि पुलिस जैसी वर्दी और सायरन का इस्तेमाल कर वास्तविक पुलिस का भ्रम पैदा किया जाता था।

अब जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि इन कथित फर्जी थानों में आखिर कौन-कौन सी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं और इनका साइबर ठगी के नेटवर्क से क्या संबंध था।

30 से ज्यादा हिरासत में—अब डिजिटल सबूतों की बारी

अभियान के दौरान 30 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ-साथ डिजिटल उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है, कितने लोग इससे जुड़े हैं और अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया।

300 पुलिसकर्मियों की घेराबंदी, पीएसी का पहरा और आसमान से ड्रोन की निगरानी—झांसी में यह ऑपरेशन साफ संकेत दे रहा है कि पुलिस इस कथित नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है।

अब बड़ा सवाल यही है—तीन गांवों में कथित ‘फर्जी थानों’ के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है?

रिपोर्ट: नवीन यादव
VERDICT NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *