तीन गांवों में साइबर ठगी का ‘साम्राज्य’! 23 गिरफ्तार 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने एक साथ बोला धावा, कई सीओ और आठ थाना प्रभारी रहे ऑपरेशन में शामिल 120 मोबाइल, 35 डेबिट कार्ड, 29 पासबुक और 9.20 लाख नकद बरामद—पुलिस अफसर बनकर डराते थे, फिर खाते खाली कराते थे
रिपोर्ट नवीन यादव VERDICT NEWS
झांसी। कटेरा थाना क्षेत्र के तीन गांवों में साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ झांसी पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 8 अगस्त को चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने मौरयाना, खैरयाना और काड़ौर गांवों में एक साथ कार्रवाई की। ऑपरेशन की व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार्रवाई में कई क्षेत्राधिकारी, आठ थाना प्रभारी/निरीक्षक और करीब 200 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम श्रीमती अरीबा नोमान के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के बाद तीनों गांवों में कथित साइबर ठगी के नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच तेज हो गई है।
मोबाइलों का जखीरा, बैंक दस्तावेजों का अंबार
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 20 आधार कार्ड, चार वोटर आईडी, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, 29 बैंक पासबुक, 13 बैंक कार्ड और 9,20,510 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा पीली और सफेद धातु भी पुलिस के हाथ लगी है।
इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और कार्ड मिलने के बाद पुलिस अब इनके इस्तेमाल और आपसी कनेक्शन की जांच कर रही है। बरामद उपकरणों और बैंक खातों की जांच से साइबर ठगी के कथित नेटवर्क की कई और कड़ियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
‘पुलिस का फोन’ बनकर फैलाते थे खौफ!
पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े आरोपी अलग-अलग स्थानों से आम लोगों को निशाना बनाते थे। कई मामलों में खुद को पुलिस अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर लोगों को मुकदमे में फंसाने अथवा गिरफ्तारी का भय दिखाया जाता था। डर का माहौल बनाने के बाद कार्रवाई से बचाने के नाम पर रकम की मांग की जाती थी।
यानी पहले वर्दी और कानून का डर, फिर खाते में रकम—पुलिस की जांच में साइबर ठगी का यह तरीका सामने आया है।
तीन गांवों में एक साथ कार्रवाई ने मचाई हलचल
मौरयाना, खैरयाना और काड़ौर गांवों में एक साथ पुलिस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संदिग्धों को पकड़ा गया और उनके ठिकानों की तलाशी ली गई। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीमों ने डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अब खुलेगा ठगी के नेटवर्क का पूरा हिसाब
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को निशाना बनाया, कितनी रकम की साइबर ठगी की और बरामद मोबाइल व बैंक खातों से कितने मामलों की कड़ियां जुड़ी हैं।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, बैंक पासबुक और कार्ड की जांच के जरिए कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और लेन-देन का पता लगाने में जुटी है। इससे ठगी के पुराने मामलों के खुलासे की संभावना भी बनी हुई है।
गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर साइबर थाना, झांसी में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी ने पत्रकार वार्ता में पूरे ऑपरेशन, गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी दी।
रिपोर्ट: नवीन यादव
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