आस्था की आड़ में ‘मुफ्त सफर’ पर टीटीई का ब्रेक! आजमगढ़ स्टेशन पर कांवड़ यात्रियों को बिना टिकट ट्रेन में चढ़ने से रोका, बोले—किराया भी लगेगा और जुर्माना भी; वीडियो वायरल होते ही टीटीई की सख्ती की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS
आजमगढ़। कांवड़ यात्रा के बीच आजमगढ़ रेलवे स्टेशन से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक टीटीई कांवड़ यात्रियों को बिना टिकट ट्रेन में सवार होने से रोकता नजर आ रहा है। टीटीई ने यात्रियों को साफ शब्दों में समझाया कि धार्मिक यात्रा अपनी जगह है, लेकिन रेलवे में सफर के लिए टिकट जरूरी है। बिना टिकट यात्रा करने पर रेलवे के नियमों के तहत किराया और जुर्माना वसूला जाएगा।
वीडियो में टीटीई द्वारा करीब 500 रुपये किराया और जुर्माना लगने की बात कही जा रही है। इसी सख्त रुख को लेकर सोशल मीडिया पर टीटीई की खूब प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि आस्था का सम्मान होना चाहिए, लेकिन आस्था के नाम पर नियमों की अनदेखी नहीं।
‘धर्म के नाम पर टिकट माफ नहीं’
कांवड़ यात्रा हो या कोई अन्य धार्मिक आयोजन, ट्रेन में यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री के लिए रेलवे के नियम समान हैं। धार्मिक पहचान के आधार पर बिना टिकट यात्रा को सही ठहराना न तो उचित है और न ही रेलवे व्यवस्था के हित में।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है—क्या धार्मिक यात्रा के नाम पर बिना टिकट सफर को नजरअंदाज किया जाना चाहिए? लोगों का जवाब साफ है—नहीं।
टीटीई की सख्ती बनी चर्चा का विषय
वायरल वीडियो में टीटीई जिस तरह यात्रियों को नियमों की जानकारी देते दिखाई दे रहे हैं, उसे सोशल मीडिया यूजर्स नियमों के पालन की मिसाल बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे कर्मचारी यदि बिना किसी दबाव के टिकट जांच करें और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करें तो बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
टिकट लेकर चलना यात्री की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन कराना रेलवे की। आस्था के सम्मान के साथ कानून और नियमों का सम्मान भी जरूरी है।










