दो दिन पहले तमिलनाडु एक्सप्रेस में मिला था लाल ट्रॉली बैग, सड़े-गले मानव अंगों से मचा हड़कंप आगरा कैंट में खून रिसते बैग ने खोला खौफनाक राज, जीआरपी बोली—अंदर मिले मानव अवशेष; चेन्नई तक पहुंची जांच, 350 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे

रिपोर्ट नवीन यादव

आगरा। चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस (12621) की जनरल बोगी में दो दिन पहले लाल रंग के ट्रॉली बैग से सड़े-गले मानव अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई थी। बैग से खून जैसा द्रव्य रिसने और तेज दुर्गंध आने पर एक यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दी। ट्रेन के आगरा कैंट पहुंचने पर जीआरपी और आरपीएफ ने बैग को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

जीआरपी के क्षेत्राधिकारी राजेश दीक्षित के अनुसार, रेलवे अधिकारियों ने करीब सुबह पांच बजे जीआरपी को सूचना दी थी कि तमिलनाडु एक्सप्रेस के साधारण कोच के पिछले हिस्से में रखा एक सूटकेस संदिग्ध रूप से खून जैसा पदार्थ रिसा रहा है और उससे तेज दुर्गंध आ रही है। आगरा कैंट पहुंचने पर पुलिस टीम ने बैग को ट्रेन से उतारकर खोला तो उसके अंदर मानव शरीर के अवशेष मिले। अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पैर का पंजा और पेट का हिस्सा मिलने की जानकारी

जांच से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार बैग में मानव शरीर के अलग-अलग हिस्से मिले, जिनमें पैर का पंजा और पेट का कुछ हिस्सा शामिल बताया गया है। अवशेष बुरी तरह गल चुके थे। जांच में यह आशंका भी सामने आई कि शव की पहचान मिटाने के लिए रासायनिक पदार्थ या तेजाब का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगी।

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल मृतक की पहचान और इस भयावह वारदात के पीछे शामिल लोगों तक पहुंचने का है। फिलहाल अवशेषों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है।

चेन्नई से जुड़ता जा रहा मामला

पुलिस की जांच में बैग और उसमें लिपटी सामग्री से चेन्नई से जुड़ा संकेत मिलने की बात सामने आई है। इसी आधार पर जांच का दायरा चेन्नई तक बढ़ाया गया है। जीआरपी चेन्नई में भी सुराग तलाश रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लाल ट्रॉली बैग ट्रेन में कहां और किसने रखा था।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अवशेषों को हत्या के बाद पहचान मिटाने और शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से ट्रेन में रखा गया हो सकता है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली

मामले की जांच अब चेन्नई तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने रेलवे स्टेशनों के 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच में एक अज्ञात पुरुष और महिला के लाल ट्रॉली बैग से जुड़े होने की दिशा में भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस दोनों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बैग चेन्नई से ही तमिलनाडु एक्सप्रेस में रखा गया था या रास्ते के किसी स्टेशन से उसे जनरल कोच में पहुंचाया गया। इसके लिए ट्रेन के मार्ग में आने वाले स्टेशनों की निगरानी व्यवस्था और उपलब्ध फुटेज की भी जांच की जा रही है।

मानव अवशेष किसके? हत्या कहां हुई?

आगरा कैंट में बैग मिलने के बाद अब जांच का केंद्र तीन बड़े सवाल बन गए हैं—मानव अवशेष किस व्यक्ति के हैं, हत्या या मौत की घटना कहां हुई और लाल ट्रॉली बैग को ट्रेन में किसने रखा?

जीआरपी ने अवशेषों को पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा है। डीएनए जांच के जरिए मृतक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं सीसीटीवी फुटेज, बैग से मिले सामान और चेन्नई से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

तमिलनाडु एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेन की जनरल बोगी में मानव अवशेषों से भरा बैग मिलने की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की निगाह उस व्यक्ति तक पहुंचने पर है, जिसने इस खौफनाक राज को ट्रेन के डिब्बे में छिपाकर रवाना किया।

रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS

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