12 जुलाई की घटना: एक महीना बीता, न रिपोर्ट आई, न कार्रवाई हुई RPF जवानों और डिप्टी स्टेशन मास्टर के बीच मारपीट मामला : जांच अटकी, कर्मचारियों में आक्रोश 3 दिन में रिपोर्ट का वादा, अब 2 दिन की और मोहलत; यूनियन की बैठक भी रही बेनतीजा
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी,/ आगरा। 12 जुलाई की स्टेशन पर हुई RPF जवानों और डिप्टी स्टेशन मास्टर के बीच विवाद एवं मारपीट की घटना को एक महीना गुजर चुका है, लेकिन जांच रिपोर्ट अब भी कर्मचारियों के इंतजार में है। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने तीन दिन में रिपोर्ट आने की बात कही थी। समय बीतता गया, लेकिन न रिपोर्ट सामने आई और न ही किसी तरह की कार्रवाई हुई। अब यह मामला कर्मचारियों के बीच बढ़ते आक्रोश का कारण बनता जा रहा है।
यूनियन की ओर से कई बार ज्ञापन दिए गए और अधिकारियों के साथ बैठकें की गईं। 13 अगस्त को DRM के साथ हुई बैठक में भी जांच रिपोर्ट को लेकर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। डिप्टी स्टेशन मास्टर नरेंद्र चाहर का कहना है कि उन्हें हर बार जल्द रिपोर्ट आने का आश्वासन दिया जाता है।
नरेंद्र चाहर ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने और जांच की दिशा बदलने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं RPF जवान मेघराज मीना की ओर से भी कानूनी मोर्चा खोलते हुए नरेंद्र चाहर के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत दिल्ली आयोग और आगरा न्यायालय में मामला दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब दो दिन का इंतजार
नरेंद्र चाहर के अनुसार DRM ने जांच के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में भी रिपोर्ट सामने नहीं आती है तो यूनियन के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अब सवाल सिर्फ एक जांच रिपोर्ट का नहीं, बल्कि उस भरोसे का है जिसके आधार पर कर्मचारियों को बार-बार इंतजार कराया जा रहा है। स्टेशन पर हुई घटना का सच जांच रिपोर्ट से सामने आएगा या फाइलों में ही दबा रहेगा, इस पर कर्मचारियों की नजर टिकी है










