चिन्मय मिशन अमृत यात्रा : 75 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय ज्ञान, संस्कार एवं जीवन मूल्यों का जनजागरण अभियान
रिपोर्ट नवीन यादव
झांसी। चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की सेवा के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित की जा रही चिन्मय अमृत यात्रा के झांसी कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए होटल श्रीनाथ इन के सभागार में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। चिन्मय मिशन झांसी के सचिव ई. मुकेश गुप्ता ने बताया कि चिन्मय अमृत यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, आध्यात्मिकता, संस्कृति और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का व्यापक जनजागरण अभियान है।
ई. मुकेश गुप्ता ने कहा कि चिन्मय मिशन का उद्देश्य है कि नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान, संस्कृति और जीवन मूल्यों को केवल पढ़े ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने अनुभव और दैनिक व्यवहार का हिस्सा भी बनाए। उन्होंने बताया कि चिन्मय मिशन की मूल भावना गुरुदेव के संदेश “अधिकतम समय तक अधिकतम लोगों को अधिकतम सुख प्रदान करना” में निहित है। अमृत यात्रा इसी सेवा भावना को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना तथा उन्हें ज्ञान को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करना है। झांसी में अमृत यात्रा का प्रमुख आकर्षण 23 अगस्त को आयोजित होने वाली शोभायात्रा होगी। शोभायात्रा शाम 4:30 बजे लक्ष्मीबाई पार्क के द्वार संख्या एक से प्रारंभ होकर एलीट चौराहा होते हुए दीनदयाल सभागार पहुंचेगी।
शोभायात्रा में चिन्मय मिशन के साधक, परिवारजन, युवा तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। यात्रा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन ज्ञान, सेवा भावना और जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले आदर्शों का संदेश जनसामान्य तक पहुंचाया जाएगा।
शोभायात्रा के बाद शाम 5:30 बजे दीनदयाल सभागार में मुख्य जनकार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें चिन्मय मिशन के आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों, पूज्य स्वामी चिन्मयानंद के विचारों तथा वर्तमान समय में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला जाएगा।
ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना है कि भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को अधिक सार्थक, संतुलित, आनंदमय और जिम्मेदार बनाने की कला सिखाता है।
अमृत यात्रा के अंतर्गत झांसी और बुंदेलखंड के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन संवादों में विद्यार्थियों को जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों, आत्मविश्वास, कर्तव्य, निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण जैसे विषयों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ‘गीता पंचामृतम्’ के माध्यम से भगवद्गीता के चयनित पांच श्लोकों को आधार बनाया जाएगा।
गीता समन्वयक आर.पी. गुप्ता ने कहा कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। चिन्मय मिशन की यह यात्रा इसी दिशा में सार्थक पहल है। उन्होंने नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा मीडिया प्रतिनिधियों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
23 अगस्त 2026 को शाम दीनदयाल सभागार में मुख्य अमृत यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे पहले शोभायात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम में विनय गुप्ता, आर.पी. गुप्ता, हरीश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मेघना गुप्ता, कृष्ण सक्सेना, चंदा अरोड़ा और रजनी गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष डॉ. प्रमोद गुलाटी, ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य और सचिव ई. मुकेश गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: नवीन यादव VERDICT NEWS










