राष्ट्रीय पशु बाघ के पंजों में राष्ट्रीय पक्षी मोर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कैद हुआ हैरान करने वाला दृश्य, जंगल के नियमों के आगे राष्ट्रीय पहचान भी बेबस
रिपोर्ट नवीन यादव
भारत के दो राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ा एक हैरान करने वाला दृश्य वीडियो में कैद हुआ है। राष्ट्रीय पशु बाघ अपने शिकार, राष्ट्रीय पक्षी मोर को मुंह में दबाकर ले जाता दिखाई दे रहा है। यह दृश्य प्रकृति के उस कठोर नियम को सामने लाता है, जहां जंगल में जीवन और मृत्यु का फैसला शिकारी और शिकार के बीच होता है।
भारतीय मोर को उसकी सुंदरता, भव्यता और रंग-बिरंगे पंखों के लिए 1 फरवरी 1963 को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था। वहीं बाघ को अप्रैल 1973 में भारत का राष्ट्रीय पशु बनाया गया। बाघ अपनी शक्ति, फुर्ती और भव्यता के लिए जाना जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा यह दृश्य इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक ओर देश का राष्ट्रीय पक्षी मोर है तो दूसरी ओर उसका शिकार करने वाला बाघ राष्ट्रीय पशु है। हालांकि जंगल में दोनों की राष्ट्रीय पहचान का कोई अर्थ नहीं होता। वहां शिकारी और शिकार का संबंध पूरी तरह प्राकृतिक नियमों पर आधारित होता है।
यह दृश्य बताता है कि प्रकृति के अपने नियम होते हैं—राष्ट्रीय प्रतीक इंसानों द्वारा दिए गए सम्मान हैं, लेकिन जंगल में हर जीव अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करता है।










