गोविंदपुरी स्टेशन पर आरपीएफ जवान पर युवकों से अभद्रता और मारपीट के आरोप सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, युवकों ने लगाया अवैध हिरासत में रखने का आरोप वीडियो बनाने पर मोबाइल छीनने और आरपीएफ कार्यालय ले जाने का दावा वायरल वीडियो की जांच कर कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट: नवीन यादव
कानपुर। गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के साथ की गई पोस्ट में एक आरपीएफ जवान पर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़े कुछ युवकों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, कुछ छात्र ट्रेन की प्रतीक्षा में प्लेटफार्म पर खड़े थे। इसी दौरान आरपीएफ जवान यशवंत सिंह वहां पहुंचे और युवकों से प्लेटफार्म से चले जाने को कहा। युवकों का कहना था कि वे ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे हैं और कुछ देर बाद चले जाएंगे। आरोप है कि इसी बात पर जवान ने युवकों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज शुरू कर दी।
पोस्ट में दावा किया गया है कि एक युवक ने कथित अभद्र व्यवहार का विरोध करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि जवान ने वीडियो बनाने से मना किया और युवक को पकड़कर आरपीएफ कार्यालय की ओर ले गए। वहां मौजूद एक महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में युवकों का मोबाइल फोन लेकर वीडियो बंद कराने तथा उनके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
वायरल पोस्ट में युवकों को जबरन आरपीएफ कार्यालय में रखने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। पोस्ट में घटना की तुलना महाभारत के प्रसंग से करते हुए महिला कांस्टेबल को आगे किए जाने पर भी टिप्पणी की गई है।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित रेल सुरक्षा अधिकारी वायरल वीडियो की वास्तविकता, घटना के समय मौजूद कर्मचारियों एवं युवकों के बयान तथा स्टेशन पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से पड़ताल करें। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










