तीन देसी पिस्टल, चार कारतूस… और एक नौजवान जिसकी ‘नौकरी’ थोड़ी अलग थी पिंजरे में!

 

रिपोर्ट इंद्र यादव

 

मुंबई/ठाणे। भाई साहब, जुने ठाणे में नवीन ठाणे पार्क के सामने घोड़बंदर रोड पर शाम के 7 बजे ऐसा सीन चला कि बॉलीवुड वाले भी नोट्स ले लें। वागले यूनिट 5 के जवानों ने जाल बिछाया, और अंदर फंस गया एक 20 साल का नौजवान – साहिल जावेद शेख। उम्र बीस, पेशा ‘नौकरी’, पता जयभीम चाळ, टाटा पावर सर्कल के पास, कोलशेवाड़ी, कल्याण पूर्व। यानी नौकरी तो बताई, लेकिन कंपनी का नाम कहीं नहीं लिखा था। शायद ‘अवैध हथियार प्राइवेट लिमिटेड’ में ट्रेनी था!
पुलिस ने उसके पास से बरामद किए – तीन देसी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस। तीन पिस्टल और सिर्फ चार गोलियां! समझ लो बैटरी कम वाले रिमोट कंट्रोल जैसा सामान। एक गोली पिस्टल में, तीन रिजर्व में… बाकी दो पिस्टल तो शायद सजावट के लिए थीं। या फिर उसने सोचा होगा – “एक से काम नहीं चलेगा तो तीन लगा दूंगा, फिल्मों में तो ऐसा ही होता है।”
पुलिस का कहना है कि आरोपी दखलपात्र गुनाह करने के इरादे से हथियार लेकर आ रहा था। यानी मन में कोई प्लान था, लेकिन प्लान इतना कमजोर था कि पुलिस वाले पहले से वहां खड़े थे। जाल बिछाकर पकड़ा गया। जाल भी कोई फिल्मी वाला नहीं, सादा-सा पुलिस वाला जाल। आरोपी शायद सोच रहा होगा “आज घूमने निकला हूं”, लेकिन घूमने की जगह थाने पहुंच गया।
कासारवडवली पुलिस स्टेशन में गु.र.नं. 480/2026 दर्ज हो गया। धाराएं भी लग गईं – भारतीय हथियार अधिनियम 1959 की धारा 3 और 25, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 37(1) और 135। यानी कानून ने भी कहा – “भाई, ये तो पूरा पैकेज है।” आगे की जांच वागले यूनिट 5 के API श्री शरद पाटील कर रहे हैं। शरद पाटील साहब फिलहाल सोच रहे होंगे कि ये नौजवान तीन पिस्टल लेकर आया तो चार कारतूस ही क्यों? बाकी कारतूस कहीं छिपे तो नहीं!
कुल मिलाकर कहानी ये है – एक 20 साल का लड़का, नौकरी वाला, तीन देसी पिस्टल और चार गोलियों के साथ घोड़बंदर रोड पर घूम रहा था। पुलिस ने जाल बिछाया, पकड़ लिया। अब अदालत और जांच आगे बताएंगी कि ये ‘नौकरी’ का असली प्रोफाइल क्या था। फिलहाल इतना तय है कि ठाणे पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया – यहां न तो पिस्टल फ्री में चलती हैं, न ही जाल फ्री में।

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