एएन सिन्हा की रणनीति से 75 लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षा, श्रावणी मेले में आरपीएफ ने रचा नया मानक आईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने मैदान में उतरकर संभाली कमान, जसीडीह में टूटी पटरी से टला बड़ा हादसा; 151 विशेष ट्रेनें चलीं
रिपोर्ट नवीन यादव
कोलकाता। श्रावणी मेला 2026 में पूर्व रेलवे आरपीएफ ने करीब 75 लाख श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालकर भीड़ प्रबंधन का नया मानक स्थापित किया। इस पूरे महाअभियान में पूर्व रेलवे आरपीएफ के आईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा की सक्रिय मैदानी निगरानी और दिशा-निर्देशन अहम रहा। 29 जुलाई से 28 अगस्त तक चले मेले में तारकेश्वर, देवघर, जसीडीह, बैद्यनाथधाम और सुल्तानगंज स्टेशनों पर भारी भीड़ के बावजूद कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
एएन सिन्हा ने खुद लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
श्रावणी मेला क्षेत्रों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आईजी अमिया नंदन सिन्हा ने व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यात्री सहायता व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आरपीएफ जवानों की तैनाती, श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण उपायों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आईजी की लगातार मैदानी निगरानी से आरपीएफ जवानों, रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बना रहा। किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
500 से अधिक जवानों ने संभाली मोर्चेबंदी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ ने 500 से अधिक जवानों की तैनाती की। प्रमुख स्टेशनों पर ड्रोन निगरानी और श्वान दस्तों की मदद ली गई। पुराने बहु-मार्गीय प्रवेश को एकल, बैरिकेडयुक्त मार्गों में बदला गया। तीन से पांच मीटर चौड़े इन मार्गों से यात्रियों की आपसी आवाजाही में 90 से 100 प्रतिशत तक कमी आई। भीड़ को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाकर प्रति घंटे करीब 24,900 श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से निकाला गया।
तारकेश्वर स्टेशन पर लगातार पांच सोमवार को करीब 12 लाख 59 हजार 200 श्रद्धालुओं की आवाजाही हुई, जबकि एक रविवार को प्रमुख केंद्रों पर लगभग 3 लाख 12 हजार 500 श्रद्धालुओं की भीड़ दर्ज की गई। तारकेश्वर स्टेशन पर श्रद्धालुओं की कुल चढ़ने-उतरने की संख्या करीब 38 लाख 99 हजार 800 रही।
होल्डिंग क्षेत्र से नियंत्रित हुआ भीड़ का दबाव
तारकेश्वर और सुल्तानगंज में हजारों वर्ग मीटर क्षेत्र में अस्थायी होल्डिंग क्षेत्र बनाए गए। अचानक बढ़ने वाली भीड़ को इन क्षेत्रों में रोककर नियंत्रित तरीके से फुट ओवरब्रिज और प्लेटफार्म की ओर भेजा गया। एकतरफा आवागमन व्यवस्था और प्लेटफार्म की सीमाओं पर कड़ी निगरानी से भीड़ के दबाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया।
जसीडीह में टूटी पटरी से टला बड़ा रेल हादसा
जसीडीह रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की सतर्कता ने संभावित बड़े रेल हादसे को टाल दिया। एक एक्सप्रेस ट्रेन के रवाना होने के बाद जवानों ने पटरी से असामान्य आवाज सुनी। जांच करने पर रेलवे पटरी में गंभीर दरार मिली।
तत्काल नियंत्रण कक्ष और अभियंत्रण विभाग को सूचना दी गई। इंजीनियरिंग टीम ने करीब एक घंटे में पटरी की मरम्मत की। इस दौरान आने वाली ट्रेनों को सुरक्षित रूप से डायवर्ट किया गया।
‘ऑपरेशन अमानत’ में 31 बरामदगी
आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन अमानत’ और रेल मदद के माध्यम से यात्रियों की खोई संपत्ति बरामद कर उन्हें लौटाई। हावड़ा मंडल में 17, आसनसोल में 9 और मालदा मंडल में 5 सहित कुल 31 बरामदगी हुईं। इनमें 11 मोबाइल फोन, एक आईपैड, 19,300 रुपये नकद तथा करीब 2 लाख 62 हजार 500 रुपये मूल्य की अन्य वस्तुएं शामिल थीं।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ में 10 बच्चों की मदद
आसनसोल मंडल में 8 और मालदा मंडल में 2 मामलों समेत कुल 10 बिछड़े बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों अथवा संबंधित कल्याणकारी संस्थाओं तक पहुंचाया गया।
‘ऑपरेशन सेवा’ में पांच मिनट में सहायता
बुजुर्ग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन सेवा’ के तहत छह मामलों में तत्काल मदद पहुंचाई गई। चिकित्सा आपात स्थितियों में एंबुलेंस और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का औसत प्रतिक्रिया समय करीब पांच मिनट रहा।
यात्री सुरक्षा में पांच आरोपी गिरफ्तार
यात्री सुरक्षा से जुड़े मामलों में आरपीएफ ने पांच आपराधिक मामले दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई
‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत अवैध शराब की तस्करी के तीन मामले पकड़े गए। आसनसोल मंडल में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 73.170 लीटर अवैध शराब, जिसकी कीमत करीब 64,360 रुपये थी, बरामद की गई। एक अन्य मामले में नौ विदेशी शराब की बोतलें भी बरामद हुईं।
टिकट बिक्री से राजस्व में जबरदस्त उछाल
आसनसोल मंडल में एक दिन में टिकट बिक्री का आंकड़ा 1 लाख 35 हजार तक पहुंचा। सबसे व्यस्त सोमवार को टिकट से 26 लाख 66 हजार 500 रुपये की आय दर्ज की गई।
यात्रियों की सुविधा के लिए 21 टिकट काउंटर और 10 स्वचालित टिकट बिक्री मशीनें संचालित की गईं। इससे टिकट बिक्री बढ़ाने के साथ बिना टिकट प्रवेश पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ।
श्रद्धालुओं के लिए चलीं 151 विशेष ट्रेनें
श्रावणी मेले के दौरान पूर्व रेलवे ने कुल 151 विशेष ट्रेनें संचालित कीं। इनमें हावड़ा मंडल की 101, आसनसोल मंडल की 38 और मालदा मंडल की 12 विशेष ट्रेनें शामिल रहीं। इससे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुरक्षित और सुगम तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने में मदद मिली।
वरिष्ठ अधिकारियों की लगातार मौजूदगी
संबंधित मंडलों के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त और मंडल सुरक्षा आयुक्त मेला स्थलों और सुरक्षा शिविरों में मौजूद रहे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यात्री सहायता सेवाओं की लगातार निगरानी की।
एएन सिन्हा के नेतृत्व में आरपीएफ की पूर्व नियोजित रणनीति, तकनीकी निगरानी, व्यापक जवान तैनाती, विशेष ट्रेन संचालन और त्वरित यात्री सहायता ने श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।










