मंगला एक्सप्रेस की पेंट्री का खाना खाने से करीब 30 विद्यार्थी बीमार उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद खंडवा स्टेशन पर 40 से 50 मिनट रोककर कराया उपचार दिल्ली से केरल लौट रहे थे विद्यार्थी, भुसावल तक निगरानी के लिए साथ गई रेलवे की मेडिकल टीम
खंडवा। दिल्ली से केरल लौट रहे विद्यार्थियों की मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में शुक्रवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि विद्यार्थियों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना खाया था। खाना खाने के बाद करीब 30 विद्यार्थियों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। एक साथ कई विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही ट्रेन में हड़कंप मच गया।
विद्यार्थियों के बीमार होने की सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई। इसके बाद खंडवा स्टेशन पहुंचने से पहले ही मेडिकल टीम को तैयार कर लिया गया। ट्रेन के खंडवा पहुंचते ही रेलवे और जिला प्रशासन की मेडिकल टीम ने विद्यार्थियों की जांच शुरू कर दी। चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को ओआरएस और आवश्यक दवाइयां दीं तथा उनकी हालत पर नजर रखी।
विद्यार्थियों की जांच और उपचार के लिए मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस को खंडवा स्टेशन पर करीब 40 से 50 मिनट तक रोका गया। उपचार के बाद जब विद्यार्थियों की स्थिति स्थिर हुई तो ट्रेन को आगे भुसावल के लिए रवाना किया गया।
बताया गया कि केरल के ये विद्यार्थी दिल्ली से वापस अपने घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान पेंट्री कार का खाना खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। हालांकि, विद्यार्थियों के बीमार होने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक तौर पर खाद्य विषाक्तता की आशंका जताई जा रही है और मामले की जांच की जा रही है।
एहतियात के तौर पर रेलवे की मेडिकल टीम विद्यार्थियों के साथ भुसावल तक गई। वहां पहुंचने पर विद्यार्थियों की दोबारा जांच की गई, जिसमें सभी की स्थिति स्थिर पाई गई। मेडिकल टीम ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी, ताकि यात्रा के दौरान किसी की तबीयत दोबारा खराब होने पर तत्काल उपचार दिया जा सके।
एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद ट्रेन की पेंट्री कार में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यार्थियों की तबीयत खराब होने की असली वजह क्या थी।
समय रहते रेलवे और जिला प्रशासन की मेडिकल टीम के मौके पर पहुंचने से विद्यार्थियों को तत्काल उपचार मिल गया। भुसावल तक मेडिकल टीम के साथ रहने से उनकी आगे की यात्रा भी चिकित्सकीय निगरानी में हुई।
रिपोर्ट: नवीन यादव
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