एसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव व सीओ सलीम ख़ान की पत्रकार वार्ता में बड़ा खुलासा, जीआरपी ने बरामद किए 360 गुम मोबाइल 54 लाख के मोबाइल लौटाए मालिकों को, कॉल डिटेल-सीसीटीवी और लोकेशन ट्रैकिंग से चला ऑपरेशन रक्षाबंधन व जन्माष्टमी पर्व पर दिया तोहफा
झांसी। गुम और खोए मोबाइल फोन की तलाश में जीआरपी अनुभाग झांसी की सर्विलांस टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी संसाधनों और मैदानी जांच के सहारे टीम ने 360 गुम मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपये है। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटाए गए।
पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव और पुलिस उपाधीक्षक सलीम ख़ान ने पत्रकार वार्ता में अभियान का खुलासा करते हुए बताया कि गुम मोबाइलों की बरामदगी के लिए सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए मोबाइलों की गतिविधियों और संभावित स्थानों का पता लगाया गया। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर भौतिक जांच और निगरानी कर मोबाइलों को ट्रेस किया गया।
एक-एक सुराग जोड़कर मोबाइल तक पहुंची टीम
सर्विलांस टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर संभावित स्थानों को चिह्नित किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कॉल डिटेल के आधार पर मोबाइलों की गतिविधियों का पता लगाया गया। तकनीकी इनपुट मिलने के बाद टीम ने संबंधित स्थानों पर पहुंचकर सत्यापन किया और लगातार प्रयासों के बाद गुम मोबाइलों को बरामद कर लिया।
कहां से कितने मोबाइल बरामद
अभियान के तहत बांदा से 63, महोबा से 33, ललितपुर से 36, उरई से 30, झांसी से 141, भीमसेन से एक, कर्वी से 35 और मानिकपुर से 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 360 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपये है।
मोबाइल वापस मिला तो खिले चेहरे
मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। कई लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। मोबाइल में सुरक्षित जरूरी संपर्क, फोटो, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण डाटा वापस मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली।
पुलिस की इस पहल से नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई और पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा। मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने जीआरपी की कार्रवाई की सराहना की।
तकनीक बनी पुलिस की ताकत
मोबाइल बरामदगी अभियान में सर्विलांस टीम ने आधुनिक तकनीक को जमीनी जांच के साथ जोड़कर कार्रवाई की। कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रैकिंग से मिले सुरागों को आपस में जोड़कर मोबाइलों की तलाश की गई। तकनीकी दक्षता और टीमवर्क के चलते बड़ी संख्या में गुम मोबाइल बरामद करने में सफलता मिली।
सर्विलांस टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में बृजेन्द्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक, सर्विलांस सेल, जीआरपी अनुभाग झांसी के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में मुख्य आरक्षी जगदीश चंद्र, आरक्षी आकाश गंगवार, आरक्षी दिनेश कुंतल तथा आरक्षी ठाकुर प्रसाद, सर्विलांस सेल, जीआरपी अनुभाग झांसी शामिल रहे।
गुम मोबाइलों की बरामदगी और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की इस कार्रवाई ने नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। 360 मोबाइल फोन और करीब 54 लाख रुपये की संपत्ति की बरामदगी जीआरपी अनुभाग झांसी की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
रिपोर्ट: नवीन यादव
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