आधी रात बांदा स्टेशन पर रोता मिला 14 साल का बालक, आरपीएफ की सतर्कता से टली अनहोनी! सहायक सुरक्षा आयुक्त कृष्णानन्द तिवारी व प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी की टीम ने संभाला मोर्चा पढ़ाई के लिए मां की डांट से घर छोड़कर निकला था मासूम, प्लेटफार्म पर मिला अकेला आरपीएफ की सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन पहुंची, काउंसलिंग के बाद चाचा को सौंपा बालक
रिपोर्ट नवीन यादव
बांदा। रेलवे स्टेशन बांदा पर देर रात गश्त एवं चेकिंग के दौरान आरपीएफ टीम को प्लेटफार्म नंबर-1 स्थित पार्सल कार्यालय के सामने एक 14 वर्षीय बालक संदिग्ध अवस्था में रोता हुआ मिला। आरपीएफ ने तत्काल बच्चे के पास पहुंचकर सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ की। पूछताछ में बालक ने बताया कि घर में पढ़ाई के लिए मां द्वारा डांट दिए जाने से नाराज होकर वह घर से निकल आया था।
सहायक सुरक्षा आयुक्त रेल सुरक्षा बल झांसी कृष्णानन्द तिवारी एवं प्रभारी निरीक्षक रेल सुरक्षा बल सुरुचि द्विवेदी हमराह स्टाफ के साथ बांदा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गश्त एवं चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 12:15 बजे पार्सल कार्यालय के सामने बालक रोता हुआ दिखाई दिया। आरपीएफ टीम ने तत्काल उसे अपनी सुरक्षा में लिया।
मौके पर मौजूद यात्री ने भी बालक के घर से भागकर आने की जानकारी दी। इसके बाद आरपीएफ ने बालक को रेल सुरक्षा बल पोस्ट बांदा पहुंचाया और उसके परिजनों को सूचना दी। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा को भी बालक के मिलने की जानकारी दी गई।
सूचना मिलने पर बालक के चाचा रात करीब 3:25 बजे आरपीएफ पोस्ट बांदा पहुंचे। बालक द्वारा पहचान किए जाने तथा आवश्यक तस्दीक के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा के केस वर्कर एवं सुपरवाइजर मौके पर पहुंचे। टीम ने बालक की काउंसलिंग की।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 3:50 बजे बालक को चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर ने आरपीएफ की मौजूदगी में उसके चाचा को पूर्ण स्वस्थ एवं सुरक्षित हालत में सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ की सतर्कता और तत्परता से देर रात रेलवे स्टेशन पर अकेले मिले नाबालिग बालक को सुरक्षित संरक्षण मिला और वह सकुशल अपने परिजनों तक पहुंच सका।










