पटरियों पर बैठे तो खैर नहीं! आरपीएफ ने संभाला मोर्चा झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर उरई इंस्पेक्टर रामबाबू शुक्ला की अगुवाई में कई किलोमीटर पैदल पेट्रोलिंग, लोगों को दी सुरक्षा की सख्त हिदायत
झांसी। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर पटरियों पर बैठने की लगातार मिल रही शिकायतों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ उरई इंस्पेक्टर रामबाबू शुक्ला ने सुरक्षा कर्मियों के साथ कई किलोमीटर तक पैदल पेट्रोलिंग कर हालात का जायजा लिया।
आरपीएफ टीम ने रेल पटरी के आसपास मौजूद लोगों को न केवल हटाया, बल्कि उन्हें रेलवे ट्रैक पर बैठने और अनधिकृत रूप से आने-जाने के गंभीर खतरों के प्रति जागरूक भी किया। सुरक्षा कर्मियों ने साफ शब्दों में समझाया कि ट्रेन की रफ्तार और अचानक आने वाली गाड़ी का अंदाजा लगाना संभव नहीं होता, ऐसे में पटरियों पर बैठना सीधे तौर पर जान जोखिम में डालना है।
शिकायतों के बाद बढ़ी निगरानी
रेलमार्ग पर लगातार निगरानी के लिए आरपीएफ ने संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त की। टीम की मौजूदगी से रेल पटरी के आसपास बेवजह बैठने और घूमने वालों में भी हड़कंप मचा रहा।
आरपीएफ इंस्पेक्टर रामबाबू शुक्ला की अगुवाई में की गई पेट्रोलिंग का मकसद केवल सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर संभावित हादसों को रोकना भी रहा। आरपीएफ ने स्पष्ट संदेश दिया कि रेल पटरी कोई आम रास्ता नहीं है और यहां लापरवाही की कीमत जान देकर चुकानी पड़ सकती है।










