पूर्व सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के समर्थन में पत्रकारों का संघर्ष मेरे साथ वरिष्ठ पत्रकार साथी शीतल तिवारी और वरिष्ठ पत्रकार साथी रामकुमार साहू सहित पत्रकारों ने उठाई थी उत्पीड़न के खिलाफ आवाज सात साल पुरानी तस्वीर… लेकिन संघर्ष की यादें आज भी ताजा हैं। ✊🔥

रिपोर्ट नवीन यादव

कुछ तस्वीरें सिर्फ तस्वीरें नहीं होतीं, वे संघर्ष, साहस और पत्रकारिता के स्वाभिमान की गवाही होती हैं।

यह वही दौर था, जब पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ इलाइट चौराहा पर हम पत्रकार साथी सड़क पर उतरे थे। मेरे साथ वरिष्ठ पत्रकार साथी शीतल तिवारी और वरिष्ठ पत्रकार साथी रामकुमार साहू सहित तमाम पत्रकार साथी मौजूद थे।

पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने के लिए पूर्व सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य सहित अन्य नेताओं ने भी धरना-प्रदर्शन में पहुंचकर पत्रकारों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया था।

उस वक्त सड़क पर उठी पत्रकारों की आवाज सिर्फ विरोध नहीं थी, बल्कि पत्रकारिता के सम्मान, स्वतंत्रता और स्वाभिमान की लड़ाई थी।

सात साल बीत गए… वक्त बदला, हालात बदले, लेकिन पत्रकारिता के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठाने का जज्बा आज भी वही है।

क्योंकि पत्रकार की कलम जब सच के साथ खड़ी होती है, तो उसे दबाने की हर कोशिश के खिलाफ संघर्ष की एक नई आवाज जन्म लेती है।

यादें पुरानी हैं… लेकिन हौसला आज भी जवान है।
संघर्ष पुराना है… लेकिन कलम आज भी बेखौफ है। ✍️🔥

पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, सच के लिए खड़े होने का संकल्प है।

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