तीन साल में बुंदेलखंड राज्य का वादा, 12 साल बाद भी इंतजार

 

झांसी। बुंदेलखंड राज्य निर्माण के मुद्दे पर एक बार फिर आंदोलन की आवाज तेज होने लगी है। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर तीन वर्ष के भीतर बुंदेलखंड राज्य बनवाने का वादा किया गया था, लेकिन तीन वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्यवाही शुरू नहीं हुई। इसी को लेकर मोर्चा अब ‘राम कौ कौल’ (कसम) अभियान शुरू करेगा।

भानु सहाय ने कहा कि सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों द्वारा बुंदेलखंड राज्य की मांग को प्रभावी ढंग से नहीं उठाए जाने के विरोध में 21 अक्टूबर 2026 से कचहरी के पास गांधी उद्यान में अनशन एवं सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए ‘जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा’ भी निकाली जाएगी।

गांव-गांव गूंजेगा आंदोलन का संदेश

मोर्चा के अनुसार बबीना, बंगरा, मोंठ, बरुआसागर, अम्बाबाय, मऊरानीपुर, चिरगांव और गरौठा में प्रधानमंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम खून से पत्र लिखे जाएंगे। वहीं बैदौरा, पड़रा, समथर, टहरौली, रक्सा, गुरसरांय और बड़ागांव में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।

16 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच झांसी नगर निगम के सभी वार्डों में सघन जनसम्पर्क अभियान चलाने की घोषणा की गई है। संगठन का कहना है कि 15 वार्डों में मशाल जुलूस और 15 वार्डों में खून से पत्र लिखने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग

मोर्चा ने बुंदेलखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों तथा सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, मेडिकल, पैरामेडिकल, नर्सिंग सहित अन्य स्टाफ के रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से निकालकर अनुदानित विश्वविद्यालय बनाने, विद्यार्थियों की फीस कम करने तथा संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के रिक्त पद भरने और विद्यालयों का समयबद्ध जीर्णोद्धार कराने की मांग रखी गई।

ई-20 से लेकर केन-बेतवा विस्थापितों तक उठे सवाल

मोर्चा ने बुंदेलखंड में ई-20 एथेनॉल मिश्रित ईंधन के प्रयोग पर भी आपत्ति जताई। संगठन का तर्क है कि क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे वाहनों में आने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं का खर्च आसानी से उठा सकें।

इसके अलावा क्षेत्र में संचालित कथित अवैध नर्सिंग होमों के मामले में पूर्व सीएमओ, पूर्व सचिव जेडीए, वर्तमान अधिशासी अभियंता जेडीए और जिला अग्निशमन अधिकारी की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित विस्थापितों को उचित मुआवजा देने तथा कथित भ्रष्टाचार की समयबद्ध जांच कराने की मांग भी रखी गई।

भागवत से संगठन के स्तर पर वार्ता कराने की अपील

भानु सहाय ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि आंदोलन वार्ता का मार्ग खोलता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वार्ता के लिए नहीं आती तो संघ को अपने स्तर से वार्ता का रास्ता खोलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान बुंदेलखंड की जनता को आगामी चुनाव में सत्ताधारियों के खिलाफ मतदान के लिए जागरूक किया जाएगा। गांव-गांव और वार्डों में गंगाजली उठवाकर अभियान से जुड़ने वाले ‘योद्धा’ तैयार करने की बात भी कही गई।

मोर्चा ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से बुंदेलखंड के अन्य जिलों तक ले जाने की घोषणा की है। इसके तहत दूसरा चरण महोबा, तीसरा जालौन, चौथा बांदा, पांचवां हमीरपुर, छठा ललितपुर और सातवां चरण चित्रकूट में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।

प्रेस वार्ता में रघुराज शर्मा, हमीदा अंजुम, गिरजा शंकर राय, प्रदीप नाथ झा, रामजी सिंह पारीछा, उत्कर्ष साहू, अनिल कश्यप, गोलू ठाकुर, कलाम कुरैशी, अमित त्रिपाठी, विनोद अग्रवाल, मनोज प्रजापति पारीछा, अभिषेक तिवारी, शंकर रायकवार, विजय रायकवार, जीतू कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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