प्रयागराज: महाप्रबंधक को लिखा पत्र, UMRKS के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का आरोप वैध फॉर्म ‘जे’ के बावजूद कौन कर रहा संघ के नाम पर पत्राचार? महामंत्री रूपम पाण्डेय ने उठाए गंभीर सवाल फर्जी लेटरहेड और पदनाम के इस्तेमाल का आरोप, अनधिकृत लोगों से वार्ता रोकने की मांग
रिपोर्ट नवीन यादव
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (UMRKS) के नाम पर कथित फर्जी पत्राचार और लेटरहेड के दुरुपयोग का मामला अब उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन तक पहुंच गया है। संघ के महामंत्री रूपम पाण्डेय ने महाप्रबंधक समेत संबंधित मंडलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर संघ के नाम पर पत्राचार करने वाले कथित अनधिकृत लोगों की वैधानिक हैसियत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
महाप्रबंधक को भेजे पत्र में कहा गया है कि 06 अगस्त 2026 को वैध फॉर्म ‘जे’ जारी होने के बावजूद कुछ लोग कथित रूप से UMRKS के पदाधिकारी बनकर रेलवे प्रशासन से पत्राचार और वार्ता करने का प्रयास कर रहे हैं। महामंत्री ने ऐसे लोगों के पत्राचार को अनधिकृत बताते हुए प्रशासन से तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
लेटरहेड और पदनाम के इस्तेमाल पर सवाल
शिकायत में कथित तौर पर फर्जी लेटरहेड तथा पदनाम के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया गया है। संघ की ओर से मांग की गई है कि रेलवे प्रशासन किसी भी व्यक्ति को UMRKS का प्रतिनिधि मानने से पहले उसके वैधानिक दस्तावेजों और अधिकृत फॉर्म ‘जे’ की जांच करे।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि जिन लोगों के पास संघ का वैध प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं है, उनसे रेलवे प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक वार्ता या पत्राचार न किया जाए।
अब सवाल—संघ के नाम पर किससे बात कर रहा रेलवे प्रशासन?
विवाद ने रेलवे प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर UMRKS के नाम पर कौन लोग और किस हैसियत से प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रख रहे हैं? मामला केवल लेटरहेड के इस्तेमाल का नहीं, बल्कि संघ के नाम पर रेलवे प्रशासन से कथित तौर पर संवाद और प्रतिनिधित्व करने की वैधानिकता का भी है।
महामंत्री रूपम पाण्डेय ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वैध दस्तावेजों के आधार पर अधिकृत प्रतिनिधि की पहचान सुनिश्चित करने तथा अनधिकृत पत्राचार पर रोक लगाने की मांग की है।
अब निगाहें उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर हैं। शिकायत के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संघ के नाम पर कथित फर्जी पत्राचार के आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।










