झांसी मंडल रेल प्रशासन से जवाब दो! पत्रकार टूर पर उठे सवाल, आखिर चुनिंदा पत्रकारों का चयन किस आधार पर? फर्जी अफवाह है तो खारिज करे रेल प्रशासन, टूर हुआ है तो चयन प्रक्रिया सार्वजनिक करे—सोशल मीडिया पर बहसबाजी ने बढ़ाई पारदर्शिता की मांग
नवीन यादव रिपोर्ट
झांसी। चुनिंदा पत्रकारों को कथित तौर पर टूर पर भेजे जाने की चर्चा को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस अब झांसी मंडल रेल प्रशासन के सामने सवाल बन गई है। मामला सच है या महज अफवाह—रेल प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
यदि ऐसा कोई टूर आयोजित नहीं हुआ तो प्रशासन स्पष्ट रूप से इसे अफवाह बताए। वहीं यदि पत्रकारों का टूर आयोजित किया गया है तो यह भी बताया जाना चाहिए कि किन पत्रकारों को आमंत्रित किया गया, चयन का आधार क्या था और अन्य पत्रकारों को क्यों शामिल नहीं किया गया?
सवाल सीधा—चयन का पैमाना क्या था?
पत्रकारों के बीच उठ रहे सवालों का जवाब पारदर्शिता के साथ दिया जाना चाहिए। क्या टूर के लिए कोई निर्धारित मापदंड था? क्या सभी संबंधित पत्रकारों को इसकी जानकारी दी गई थी? क्या आमंत्रित पत्रकारों की सूची पहले से तय थी?
सोशल मीडिया पर विरोध, अब जवाब की बारी
सोशल मीडिया पर जारी बहसबाजी और विरोध के बीच अब नजरें झांसी मंडल रेल प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर हैं। आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट होगा कि मामला वास्तविक आयोजन से जुड़ा है या सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा महज अफवाह है।
रिपोर्ट: नवीन यादव | VERDICT NEWS










