रेलवे में रिश्वत पर CBI का शिकंजा: RDSO से प्रयागराज और आद्रा मंडल तक अधिकारी गिरफ्त में हावड़ा में RDSO के दो वरिष्ठ अधिकारी 4 लाख की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार, प्रयागराज में तबादले की फाइल पर 70 हजार की मांग का आरोप आद्रा मंडल में मेडिकल लीव के बदले 10 हजार लेते चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर गिरफ्तार

   

लखनऊ/हावड़ा/प्रयागराज/बोकारो। रेलवे में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई लगातार सामने आ रही है। हाल के दिनों में रेलवे के अलग-अलग हिस्सों में रिश्वत के आरोपों से जुड़े मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इनमें आरडीएसओ लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी, प्रयागराज मंडल के कार्मिक विभाग के दो अधिकारियों पर कार्रवाई और आद्रा मंडल में चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी शामिल है।

हावड़ा में RDSO के दो वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार: CBI ने आरडीएसओ लखनऊ से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों समेत चार लोगों को कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार कार्रवाई हावड़ा में की गई। मामले में रिश्वत के तौर पर 4 लाख रुपये की रकम पकड़े जाने की बात सामने आई है। CBI ने आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच शुरू की है।

प्रयागराज मंडल में 70 हजार की कथित मांग: उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक (OS) राजेंद्र मणि त्रिपाठी के खिलाफ CBI ने मामला दर्ज किया। आरोप है कि एक वरिष्ठ सहायक लोको पायलट का पति-पत्नी आधार पर कानपुर से प्रयागराज तबादला कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 70 हजार रुपये की मांग की गई। CBI ने शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई की।

आद्रा मंडल में मेडिकल लीव के बदले रिश्वत का आरोप: CBI की ओर से जारी जानकारी के अनुसार दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि एक रेलवे कर्मचारी से चिकित्सा अवकाश से संबंधित काम के लिए रिश्वत मांगी गई थी। मामले में CBI ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया और आगे की जांच शुरू की।

तीन मामले, रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर सवाल: आरडीएसओ जैसे तकनीकी संगठन से लेकर मंडल के कार्मिक और स्वास्थ्य विभाग तक रिश्वत के आरोपों में CBI की कार्रवाई ने रेलवे की आंतरिक निगरानी और भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन मामलों में सामने आए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं तथा आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

CBI का संदेश साफ है— रेलवे की प्रशासनिक, तकनीकी और कर्मचारी-संबंधी प्रक्रियाओं में कथित भ्रष्टाचार की शिकायतों पर एजेंसी ट्रैप और जांच के जरिए कार्रवाई कर रही है। प्रयागराज मामले में भी CBI की जांच जारी है।

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