न्यूज़ एक्सक्लूसिव रेलवे अस्पतालों में छिपे नहीं रहेंगे इलाज के विकल्प, दीवार पर लगेगी पूरी सूची रेफरल उपचार में पारदर्शिता के लिए रेलवे बोर्ड के सख्त निर्देश
मरीजों को मिलेगी संबद्ध अस्पतालों की पूरी जानकारी
अस्पताल की विशेषज्ञता से लेकर पता और संपर्क नंबर तक होंगे दर्ज
सूची में बदलाव होते ही तत्काल किया जाएगा संशोधन
नई दिल्ली। रेलवे अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में उपचार के लिए आने वाले रेल लाभार्थियों को अब दूसरे अस्पताल में भेजे जाने की स्थिति में उपलब्ध उपचार विकल्पों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों को रेलवे से संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों की अद्यतन सूची रेलवे अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे बोर्ड को मिली शिकायतों के आधार पर सामने आया कि रेलवे अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में आने वाले कई लाभार्थियों को यह जानकारी नहीं होती कि दूसरे अस्पताल में उपचार के लिए भेजे जाने की स्थिति में संबंधित रेलवे से कौन-कौन से स्वास्थ्य संस्थान जुड़े हुए हैं। जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को उपचार कराने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने पारदर्शिता बढ़ाने और मरीजों को उपलब्ध विकल्पों की स्पष्ट जानकारी देने के लिए यह व्यवस्था लागू करने को कहा है। प्रत्येक रेलवे अस्पताल और स्वास्थ्य इकाई में रेलवे से जुड़े स्वास्थ्य संस्थानों की अद्यतन सूची प्रमुख स्थान पर लगाई जाएगी।
सूची में दर्ज होगी पूरी जानकारी
प्रदर्शित सूची में संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध विशेषज्ञ उपचार, संबद्धता की वैधता अवधि, पूरा पता और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि यह जानकारी अस्पताल आने वाले लाभार्थियों को आसानी से दिखाई दे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपलब्ध हो।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, रेलवे से जुड़े स्वास्थ्य संस्थानों का विवरण संबंधित मंडल और क्षेत्रीय रेलवे की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस जानकारी को भी संबद्धता की वैधता अवधि का उल्लेख करते हुए समय-समय पर अद्यतन किया जाना है।
नाम जुड़ा, हटा या निलंबित हुआ तो सूची भी बदलेगी
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी स्वास्थ्य संस्थान को संबद्ध सूची में शामिल करने, हटाने, निलंबित करने अथवा उसके विवरण में किसी प्रकार का बदलाव होने पर प्रदर्शित सूची की तत्काल समीक्षा और संशोधन किया जाए। इससे रेलवे लाभार्थियों को पुरानी या गलत जानकारी मिलने की संभावना कम होगी और उन्हें वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य संस्थानों की सही जानकारी मिल सकेगी।
रेलवे बोर्ड की ओर से यह निर्देश 31 अगस्त 2026 को जारी पत्र के माध्यम से सभी भारतीय रेलवे, उत्पादन इकाइयों और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजे गए हैं।










